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प्रधानमंत्री का पुतला फूंकने पर जेएनयू ने दिए जांच के आदेश

प्रधानमंत्री का पुतला फूंकने पर जेएनयू ने दिए जांच के आदेश

जेएनयू प्रशासन ने विजयादशमी पर विश्वविद्य़ालय परिसर में विद्यार्थियों के एक वर्ग द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और अन्य नेताओं के पुतले जलाए जाने की घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।
दशहरा : जेएनयू में रावण नहीं मोदी का पुतला फूंका गया

दशहरा : जेएनयू में रावण नहीं मोदी का पुतला फूंका गया

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन एनएसयूआई के कुछ छात्रों ने दशहरा के अवसर पर रावण की जगह कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह और योग गुरु बाबा रामदेव समेत उनके तमाम सहयोगियों का पुतला फूंका। छात्र यही नहीं थमे बल्कि इस निंदनीय घटना का वीडियो बनाकर इसे फेसबुक पर भी पोस्ट कर दिया।
उत्‍तर पुस्तिका में फिल्मों के नाम व कविताएं लिखी थी बिहार की टाॅपर रूबी राय

उत्‍तर पुस्तिका में फिल्मों के नाम व कविताएं लिखी थी बिहार की टाॅपर रूबी राय

बिहार की बोर्ड परीक्षा में टॉप करने वाली रूबी राय ने आंसरशीट में सिर्फ फिल्मों के नाम लिखे थे। उसने एक अन्य उत्तरपुस्तिका में कवि तुलसीदास का नाम 100 से भी ज़्यादा बार लिख आई थी। कुछ अन्य में रूबी ने कविताएं लिखी थीं। इन उत्तरपुस्तिकाओं को बाद में 'विशेषज्ञों' द्वारा लिखी हुई उत्तरपुस्तिकाओं से बदल दिया गया था।
जेएनयू में योग और सांस्कृतिक पाठ्यक्रम का प्रस्ताव फिर हुआ खारिज

जेएनयू में योग और सांस्कृतिक पाठ्यक्रम का प्रस्ताव फिर हुआ खारिज

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के शीर्ष निर्णायक निकाय अकादमिक काउंसिल ने एक बार फिर भारतीय संस्कृति और योग में अल्पकालिक पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। यह प्रस्ताव विश्वविद्यालय प्रशासन ने दिया था। बताया जा रहा है कि आरएसएस और अन्य दक्षिणपंथी संगठनों के दबाव में इन विषयों में पाठ्टक्रम शुरू रने का प्रसताव तैयार किया गया है।
साल 2015-16 : जेएनयू में यौन उत्‍पीड़न के रिकार्ड 39 मामले

साल 2015-16 : जेएनयू में यौन उत्‍पीड़न के रिकार्ड 39 मामले

हाल के महीनों में विवादों के केंद्र में रहे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में साल 2015-2016 के दौरान यौन उत्पीड़न की 39 शिकायतें दर्ज की गई। जो कि विश्वविद्यालय के रिकार्ड में सबसे अधिक है। विश्वविद्यालय को 2014-2015 के दौरान यौन उत्पीड़न की 26 शिकायतें मिली थीं जबकि 2013-2014 के दौरान यह संख्या 25 थी।
जेएनयू के छात्रसंघ की बैठक : बाहरी लोगों के नाम पर जमकर हुआ हंगामा

जेएनयू के छात्रसंघ की बैठक : बाहरी लोगों के नाम पर जमकर हुआ हंगामा

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) कैंपस एकबार दोबारा विवादों में है। जेएनयू के छात्रसंघ की बैठक में बाहरी लोगों के नाम पर जमकर हंगामा हुआ। छात्रसंघ ने गुड़गांव के होंडा कंपनी के कर्मचारियों को कैंपस में पब्लिक मीटिंग के लिए बुलाया था। ताकि वे छात्रों के मंच पर अपनी बात रख सकें।
जेएनयू में लेफ्ट ही करेगा राज

जेएनयू में लेफ्ट ही करेगा राज

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में लेफ्ट मोर्चे ने अपना परचम लहराते हुए चारों सीटों पर कब्जा कर लिया है। अध्यक्ष पद पर मोहित कुमार पांडेय, वाइस प्रेजिडेंट पद पर अमल पीपी, तबरेज हसन जॉइंट सेक्रटरी और सतरूपा चक्रवर्ती को जनरल सेक्रटरी पद पर जीत मिली है।
अभाविप के जेएनयू इकाई उपाध्यक्ष का इस्तीफा

अभाविप के जेएनयू इकाई उपाध्यक्ष का इस्तीफा

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्र चुनाव से ऐन पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को बड़ा झटका लगा है। जेएनयू इकाई के उपाध्यक्ष जतिन गोराया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। गोराया का आरोप है कि वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के दलितों के खिलाफ हमलों से उकता चुके हैं।
एमएमबीएस के छात्रों के लिए प्रस्‍तावित एग्जिट एक्‍जाम का आईएमए ने विरोध किया

एमएमबीएस के छात्रों के लिए प्रस्‍तावित एग्जिट एक्‍जाम का आईएमए ने विरोध किया

एमएमबीएस के छात्रों के लिए प्रस्‍तावित एग्जिट एक्‍जाम का आईएमए ने विरोध किया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का मानना है कि ऐसे कदम एमबीबीएस एक्‍जाम के स्‍कोप को कम करेगा। एसोसिएशन के अनुसार छात्र अभी अंतिम वर्ष में एमबीबीएस का फायनल एक्‍जाम दे रहा है। एग्जिट एक्‍जाम लेने से यह संदेश जाएगा कि अभी तक की एमबीबीएस की डिग्री वैध नहीं है।
खालिद ने वानी की तारीफ में गढ़े कसीदे, बताया क्रांतिकारी, एबीवीपी भड़की

खालिद ने वानी की तारीफ में गढ़े कसीदे, बताया क्रांतिकारी, एबीवीपी भड़की

देशद्रोह के आरोपी जेएनयू के छात्र उमर खालिद ने कश्मीर में मारे गए आतंकी बुरहान वानी पर विवादास्पद बयान दिया है। उमर खालिद ने वानी की तुलना मार्क्सवादी क्रांतिकारी चे ग्वेरा से की है। खालिद ने फेसबुक अकाउंट पर लिखा, ‘चे ग्वेरा ने कहा था- अगर मैं मर जाऊं और कोई दूसरा मेरी बंदूक उठाकर गोलियां चलाता रहे तो मुझे परवाह नहीं, लेकिन ऐसे ही शब्द बुरहान वानी के भी रहे होंगे।’ उमर के इस कथन पर अखिल भारतीय विद़यार्थी परिषद भड़क गई है।
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