बुधवार को रातभर चले सियासी ड्रामे के बाद जहां नीतीश कुमार ने गुरुवार को छठी बार सीएम पद की और सुशील मोदी ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली, वहीं बिहार में जेडीयू-आरजेडी का गठबंधन टूटने के बाद लालू यादव ने नीतीश के इस फैसले पर नाराजगी जाहिर की है।
बिहार के हरनौत में स्वतंत्रता सेनानी के घर पैदा हुए नीतीश को बचपन में मुन्ना कहा जाता था। नीतीश के पिता आयुर्वेद का काम भी करते थे और नीतीश उनका साथ देते थे और दवा की पुड़िया बांधते थे। उनके पिता कांग्रेस से जुड़े रहे थे। उनके पिता ने 1952 और 57 के आम चुनाव में कांग्रेस से टिकट मांगा लेकिन कांग्रेस ने मना कर दिया। इस वजह से उनके पिता बाद में कांग्रेस छोड़कर जनता पार्टी के साथ चले गए थे।
बिहार में नीतीश कुमार के द्वारा महागठबंधन तोड़कर एनडीए से हाथ मिलाने को लेकर उनकी पार्टी जदयू में विरोध के स्वर साफ सुनाई दे रहे हैं। वहीं अब आरजेडी में भी फूट पड़ने की खबर सामने आ रही है।
राजद अध्यक्ष लालू यादव की मुश्किलें दिन पर दिन बढ़ती दिखाई दे रही हैं। महागठबंधन में फूट और नीतीश कुमार के एनडीए के पाले में जाने के बाद उनके खिलाफ मनी मनी लॉड्रिंग का शिकंजा भी कसने लगा है।
बिहार की राजनीति में मचे भारी उलटफेर के बीच नीतीश कुमार की एनडीए में घर वापसी लगभग तय हो गई है। बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने कहा कि भाजपा नीतीश कुमार को समर्थन देगी और दोनों दल के नेता नीतीश को नेता चुनेंगे
कहा जाता है कि ज्ञान और बुद्धि कभी अमीरी-गरीबी नहीं देखती। और आज यह बात छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में साबित हो गई, जहां एक ऑटो ड्राइवर की बेटी ने आईआईटी में 169वीं रैंक हासिल की।
बसपा सुप्रीमो मायावती के राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव उनके समर्थन में उतर आए हैं। मायावती के इस्तीफे को सही करार देते हुए लालू ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा।