बैंकों में कल शुक्रवार को कामकाज प्रभावित हो सकता है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के छह कर्मचारी संगठनों ने केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की कल की हड़ताल में शामिल होने का फैसला किया है।
केंद्र सरकार ने अपने करीब 33 लाख कर्मचारियों के लिए मंगलवार को सालाना बोनस की घोषणा की, जो पिछले दो वर्षों से बकाया था। इस बारे में केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 2014-15 और 2015-16 का बोनस संशोधित मानदंडों के आधार पर जारी किया जाएगा। यह दो वर्षों से बकाया था। इसके बाद बोनस को सातवें वेतन आयोग के तहत दिया जाएगा।
प्रशासन द्वारा तीन थाना क्षेत्रों को छोड़कर पूरी कश्मीर घाटी से कर्फ्यू हटा दिए जाने के कारण श्रीनगर शहर में जनजीवन सामान्य की ओर लौटने लगा। हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से बीते 51 दिनों से घाटी में कर्फ्यू लगा हुआ था।
केंद्रीय ट्रेड यूनियनें दो सितंबर को देश भर में हड़ताल की अपनी घोषणा से पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने सरकार की ओर से हड़ताल को स्थगित करने का अनुरोध ठुकरा दिया है। इसे देखते हुए श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय और ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने श्रम मंत्रलय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यापक विचार-विमर्श किया।
गोरक्षा के एक जघन्य मामले में कर्नाटक के उडुप्पी में विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भाजपा के एक कार्यकर्ता की हत्या कर दी और एक अन्य व्यक्ति को जख्मी कर दिया। भाजपा कार्यकर्ता कथित तौर पर गायों को बूचड़खाने लेकर जा रहा था।
उत्तर प्रदेश के बलिया के चर्चित नरही गोलीकांड में भाजपा कार्यकर्ता की मौत पर क्षेत्रीय भाजपा विधायक उपेंद्र तिवारी खूब रोए। विधायक ने ये आंसू अपने कार्यकर्ता विनोद राय के लिए बहाए, जो उनके थाने पर धरना की वजह से पुलिस की गोली का शिकार हुआ।
उत्तर प्रदेश में बलिया जिले में गौ तस्करी के मामले में पुलिस द्वारा कुछ लोगों को गिरफ्तार किए जाने से भड़के भाजपा विधायक और उनके समर्थकों के साथ पुलिस की झड़प हो गई। झड़प ने हिंसक रुप अख्तियार कर लिया जिसमें संदिग्ध परिस्थितियों में एक भाजपा कार्यकर्ता की मौत हो गई।
16 साल तक की भूख हड़ताल के बाद भी मणिपुर की लौह महिला इरोम शर्मिला की अच्छी सेहत का राज उनकी इच्छाशक्ति और योगाभ्यास है। इस भूख हड़ताल के दौरान उन्हें नाक से जबरन तरल भोजन दिया जाता था। शर्मिला के सहयोगियों और उनके परिवार के सदस्यों के अनुसार, शर्मिला ने 1998 में योग सीखा था। इसके दो साल बाद वह भूख हड़ताल पर बैठ गई थीं। यह भूख हड़ताल मंगलवार को खत्म हो गई।
मणिपुर की मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला ने 16 साल बाद मंगलवार को रोते हुए अपनी भूख हड़ताल खत्म की। इस अवसर पर बेहद भावुक इरोम ने कहा कि अब वह अपने संघर्ष की रणनीति में बदलाव करते हुए राजनीति में उतरना चाहती हैं।