बिहार में सियासी ड्रामा चरम पर है। नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव के भ्रष्टाचार के मुद्दे पर इस्तीफा देते हुए गठबंधन तोड़ा तो वहीं विपक्षी दल भाजपा ने उन्हें अपना समर्थन देने का ऐलान कर दिया। नीतीश का शपथ ग्रहण गुरुवार को शाम 5 बजे होना तय हुआ था, लेकिन शपथ ग्रहण का कार्यक्रम सुबह 10 बजे हो गया। इस तरह नीतीश कुमार ने छठी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
योगी आदित्यनाथ ने यूपी के 21 वें मुख्यमंत्री के रूप में रविवार को शपथ ले ली है। उनके बाद केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा ने डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ग्रहण की। शपथ लेने के बाद योगी आदित्यनाथ ने लालकृष्ण आडवाणी के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। इन तीनों के बाद 22 विधायकों ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली जबकि 24 राज्य मंत्रियों ने शपथग्रहण की।
कांग्रेस के इस आरोप को कि भाजपा गोवा में जनादेश हरण की कोशिश कर रही है, को खारिज करते हुए वित्त मंत्री अरूण जेटली ने मंगलवार को कहा कि यह कुछ ज्यादा है क्योंकि राज्यपाल 17 विधायकों के अल्पमत को सरकार गठन के लिए निमंत्रित नहीं कर सकती थीं।
तमिलनाडु में सियासी अनिश्चितता के बीच शशिकला ने बुधवार को मीटिंग के बाद 130 विधायकों को फाइव स्टार होटल भेज दिया है। पूर्व सीएम पन्नीरसेल्वम की बगावत के बाद अन्नाद्रमुक में फूट पड़ती दिख रही है। पार्टी चीफ शशिकला ने करीब 130 विधायकों को फाइव स्टार होटल भेज दिया है। ये सभी गवर्नर विद्यासागर राव के मुंबई से लौटने तक वहीं रहेंगे। गवर्नर तीन दिन से मुंबई में हैं। महाराष्ट के राज्यपाल चौधरी विद्यासागर राव जिनके पास तमिलनाडु का भी अतिरिक्त प्रभार है, बुधवार को भी मुंबई में ही रूके रहे। उनकी तरफ से ऐसा कोई संकेत भी नहीं आया कि वो कब चेन्नई जाएंगे।
विजय रूपानी ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। राज्यपाल ओमप्रकाश कोहली ने रूपानी के अलावा डिप्टी सीएम नितिन पटेल को भी शपथ दिलाई। इसके अलावा 8 कैबिनेट और 16 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। गृह मंत्री रहीं रजनी पटेल की कैबिनेट से छुट्टी हुई है। इस दौरान पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, अरुण जेटली, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर भी मौजूद थे।
महाराष्ट्र और केंद्र सरकार में भाजपा की सहयोगी शिवसेना मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी के कैबिनेट विस्तार से अलग रही। शिवसेना का कोई नेता शपथ ग्रहण समारोह में शरीक नहीं हुआ। शिवसेना ने दो मंत्रियों को सहित एक और कैबिनेट मंत्री की मांंग की थी। पीएम माेदी ने संभावित सूची में एक मंत्री पद शिवसेना के लिए रखा था। और कैबिनेट मंत्री की मांग ठुकरा दी। बस नाराज शिवसेना ने शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार कर दिया। शिवसेना और भाजपा के बीच अलगाव की एक और वजह बृहन्मुंबई महानगरपालिका और उसका भारी भरकम बजट भी है।
तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की कमान दोबारा संभाल ली है। शुक्रवार को उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके साथ पार्टी के 41 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इन 41 मंत्रियों में 17 नए चेहरे हैं। ममता बनर्जी को राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी ने शपथ दिलाई।
चुनावों में भारी जीत के बाद नीतीश कुमार की अगुवाई में बनने वाली महागठबंधन की सरकार छठ के बाद शपथ ग्रहण करेगी। हालांकि शपथ ग्रहण की तारीख अभी तय नहीं हुई है लेकिन बताया जा रहा है कि आगामी 20 नवंबर को नीतीश कुमार अपने मंत्रीमंडल के साथ शपथ ले सकते हैं।