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जीडीपी आंकड़े संदेहास्पद, मोदी सरकार लोगों को गुमराह कर रही है : कांग्रेस

जीडीपी आंकड़े संदेहास्पद, मोदी सरकार लोगों को गुमराह कर रही है : कांग्रेस

कांग्रेस ने जीडीपी आंकड़ों को हैरानी भरा और बेहद संदेहास्पद बताया है जो कि भारत की वैश्विक साख को खत्म कर सकता है और साथ ही प्रधानमंत्री तथा वित्त मंत्री पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया।
विश्व बैंक ने बजाई घंटी

विश्व बैंक ने बजाई घंटी

अपने घर में शेर बनकर रहने का दावा किया जा सकता है, लेकिन दुनिया के सामने शक्ति प्रदर्शन किए बिना कोई शेर नहीं मानेगा। भारत की आर्थिक स्थिति इस समय उसी तरह है। सरकार विकास दर के आंकड़ों और मेक इन इंडिया के नारे के साथ विभिन्न संपन्न देशों को आमंत्रित कर रही है। लेकिन विश्व बैंक की एक नई रिपोर्ट के अनुसार भारत में बिजनेस करने की स्थितियां खराब हैं और कई अन्य देशों के मुकाबले हम रैंकिंग में पिछड़ गए हैं।
कैसे मिले जल्दी न्याय, हाईकोर्टों में 458 न्यायाधीशों की कमी

कैसे मिले जल्दी न्याय, हाईकोर्टों में 458 न्यायाधीशों की कमी

कानून मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में 458 न्यायाधीशों की कमी है। ये आंकड़े ऐसे समय में आए हैं जब न्यायपालिका और सरकार के बीच हाईकोर्टों में न्यायाधीशों की भावी नियुक्ति को दिशा देने वाले एक दस्तावेज के विभिन्न उपबंधों को लेकर मतभेद हैं।
आधार योजना के तहत एकत्र आंकड़े पूरी तरह सुरक्षित : प्रसाद

आधार योजना के तहत एकत्र आंकड़े पूरी तरह सुरक्षित : प्रसाद

सरकार ने आज बताया कि आधार योजना के तहत अब तक 99 करोड़ लोगों के बायोमीट्रिक आंकड़े एकत्र किए जा चुके हैं और यह पूरी तरह से गोपनीय एवं सुरक्षित हैं।
पुलिस आयुक्‍त बस्सी को दिल्‍ली महिला आयोग का समन

पुलिस आयुक्‍त बस्सी को दिल्‍ली महिला आयोग का समन

दिल्ली महिला आयोग ने राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं के खिलाफ अपराध के आंकड़े नहीं देने पर पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी को अपने समक्ष पेश होने के लिए समन जारी किया है।
7.5 से घटकर 7% रह गई देश की जीडीपी ग्रोथ

7.5 से घटकर 7% रह गई देश की जीडीपी ग्रोथ

अर्थव्‍यवस्‍था के मोर्चे पर मोदी सरकार को झटका लगा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान सकल घरेलू उत्‍पाद यानी जीडीपी की विकास दर घटकर 7 फीसदी रह गई है। जबकि इससे पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में यह आंकड़ा 7.5 फीसदी तक पहुंच गया था।
मिथक झुठलाते जनगणना के धार्मिक आंकड़े

मिथक झुठलाते जनगणना के धार्मिक आंकड़े

पिछले साल भारतीय जनता पार्टी केंद्र में सत्ता में क्या आई 1990 के दशक के मजहबी और जातिगत टकराव के गड़े मुर्दे मानो फिर से उखाड़े जाने लगे। एक तरफ जनगणना में धार्मिक समुदायों की जनसंख्या वृद्धि के चुनिंदा आंकड़े पूर्वाग्रह के रंग में रंगकर धीरे-धीरे सामाजिक और मुख्यधारा मीडिया में टपकाए जाने लगे और दूसरी ओर सत्तारूढ़ दल और उसके परिवार के तरह-तरह के गेरुआधारी ‘पूतों फलों’ और ‘घर वापसी’ के भड़काऊ भाषणों के जरिये बहुसंख्यक समुदाय का भयादोहन कर अल्पसंख्यकों के विरुद्ध उन्माद पैदा करने की कोशिश करने लगे। नतीजतन देश में कई जगह अल्प तीव्रता वाले सांप्रदायिक उपद्रव होने लग गए, खासकर उन राज्यों में जहां विपक्ष की सरकारें थीं और आगे चुनाव होने थे।
जनगणना के धर्म संबंधी आंकड़े जारी, जाति के लिए अभी इंतजार

जनगणना के धर्म संबंधी आंकड़े जारी, जाति के लिए अभी इंतजार

केंद्र सरकार ने धर्म आधारित जनगणना के आंकड़े जारी कर दिए लेकिन अभी जाति आधारित जनगणना के नतीजे नहीं जारी हुए। जबकि कई राजनीतिक दल जाति आधारित जनगणना के आंकड़े जारी करने की मांग कर रहे हैं।
जनगणना के जातिवार आंकड़ेः सरकार ने टाली अपनी बला

जनगणना के जातिवार आंकड़ेः सरकार ने टाली अपनी बला

जाति आधारित जनगणना के आंकड़े जारी नहीं करने को लेकर उत्पन्न विवाद के बीच केंद्र सरकार ने गुरुवार को नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढि़या की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समूह का गठन किया है। यह समूह जाति के आधार पर आंकड़ों का वर्गीकरण करने के लिए बनाया गया है।
सरकारी आंकड़ों के समंदर में तैरती सच्‍चाई

सरकारी आंकड़ों के समंदर में तैरती सच्‍चाई

इसी महीने जारी सामाजिक-आर्थिक-जाति जनगणना (एसईसीसी) के आंकड़े देखकर हम दिल्ली में समुंदर खोजने लग गए। इन आंकड़ों के नुसार दिल्ली में मछली पकड़ने की मशीनी नौकाएं 14,468 परिवारों के पास हैं-बड़े समुद्र तटीय क्षेत्र वाले तमिलनाडु के 13,760 परिवारों के पास ऐसी नौकाओं से कहीं ज्यादा। और तमिलनाडु के बड़े तटीय भूभाग को पखारता विशाल समुंदर और उसमें दूर-दूर तक डूबती-उतराती, मछली मारने के लिए जाल फैलाती अनगिनत मशीनी और मानव चालित नौकाएं हमने आंखों देखी हैं।
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