Advertisement
मैगज़ीन डिटेल

आवरण कथा/कुर्सी पुराणः कुर्सी महा ठगिनी हम जानी

आर्थिक उदारीकरण के पिछले तीन दशक के दौरान भारतीय राजनीति का चरित्र कुछ ऐसा बदला है कि धन, सार्वजनिक आचरण से लेकर नेताओं का चरित्र तक सब कुछ महज कुर्सी के इर्द-गिर्द सिमट गया है और दलों का फर्क मिट गया है

विधानसभा चुनाव’24 हरियाणाः ‘नायाब’ कामयाबी

चौंकाने वाले चुनाव नतीजे ने इतिहास में पहली बार बनाई किसी दल की लगातार तीसरी सरकार

विधानसभा चुनाव’24 जम्मू-कश्मीरः मिलाजुला जनादेश

कश्मीर घाटी में एनसी-कांग्रेस को एकतरफा जीत, भाजपा का जम्मू में बेहतर प्रदर्शन, लेकिन उमर अब्दुल्ला की सरकार के सामने कई मुश्किलें

छत्तीसगढ़ः अबूझमाड़ में मुठभेड़

यह पहला मौका है जब पुलिसिया दावे के मुताबिक एक ऑपरेशन में इतनी बड़ी संख्या में माओवादी मारे गए

मध्य प्रदेशः पन्ना की तमन्ना हीरा मिल जाए

पन्ना में छोटे-छोटे भूखंडों में मिल रहा हीरे का एक टुकड़ा बदल रहा गरीब आदिवासी किसानों की जिंदगी

आवरण कथा/कुर्सी पुराणः लालू का मास्टर स्ट्रोक

लालू की पसंद से पटना से दिल्ली तक के सत्ता के गलियारों में लोग अवाक रह गए

आवरण कथा/कुर्सी पुराणः मांझी महादांव

मांझी के मुख्यमंत्री बनने का घटनाक्रम कुछ अलग ही था

आवरण कथा/कुर्सी पुराणः पंजाब में पैंतरे

आजादी के 77 बरस में अनेक उतार-चढ़ाव से गुजरी पंजाब की पंथक सियासी शतरंज की बिसात पर कई मोहरे चले और कई पिट गए

आवरण कथा/झारखंडः चंपाई महत्वाकांक्षा

कुर्सी जाने पर पाला बदलने और अपने लोगों के खिलाफ खड़े होने का आदिवासी प्रसंग

आवरण कथा/हरियाणाः कुर्सी कलाबाजी की मिसाल

पंजाब से टूट कर अलग राज्य बनने के वक्त से ही हरियाणा में कुर्सी के लिए आया-गया की दलबदलू राजनीति चल रही

क्रिकेटः वापस पंत नायक

चोटिल खिलाड़ी के लिए फिर मैदान पर शानदार प्रदर्शन करना सबसे बड़ी चुनौती होती है, पंत इस करिश्मे में सफल रहे

दादा साहब फाल्के पुरस्कारः गरीबों के नायक की सुध

तीन बार के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मिठुन चक्रवर्ती को दादा साहब फाल्के सम्मान

सिनेमाः परदे का पुराना प्यार

पुरानी फिल्में सिनेमाघरों में दोबारा दस्तक दे रहीं, नई फिल्मों की नाकामी, व्यावसायिक मुनाफा और पुराने के प्रति दीवानगी ट्रेंड को बढ़ा रही

सप्तरंग

ग्लैमर जगत की खबरें

इजरायल/फलस्तीनः हिज्बुल्ला अभी जिंदा है

सवाल यह है कि अब नेतन्याहू क्या करेंगे? इजरायल की क्या योजना है? और क्या ईरान इस जंग में कूदेगा?

इजरायल/फलस्तीन/नजरियाः नसरुल्ला के बाद क्या?

कथित प्रतिरोध संगठनों के हाथ लगातार लग रही नाकामी संभव है कि पश्चिमी एशिया में एक बार फिर से शिया-सुन्नी टकरावों के चलते गृहयुद्ध जैसी कोई स्थिति पैदा कर दे

वक्फ विवादः इतिहास की रोशनी में वक्फ संशोधन बिल

मौजूदा संशोधन विधेयक का विरोध जरूरी है, लेकिन वक्फ को बचाने की लड़ाई को इतिहास की रोशनी में समझना जरूरी है ताकि उसकी मौजूदा माली हालत के असली दोषियों की पहचान की जा सके

कला/इंटरव्यू/शोभना नारायणः ‘जब तक रहूं, नृत्य के साथ रहूं’

करीब छह दशकों से नृत्य कर रहीं शोभना नारायण अभी थकी नहीं हैं। 75 वर्ष की उम्र में भी उनमें उत्साह और जोश-खरोश भरपूर है।

प्रथम दृष्टिः खड़ाऊं या खंजर

ऐसे अवसर आते हैं जब कोई शासक खास परिस्थितियों में अपने पसंदीदा व्यक्ति को सत्ता की चाबी सौंप देता है। कुछ उसे नेता की अमानत मानते हैं और कुछ उसका इस्तेमाल सियासत में आगे बढ़ने के लिए कर लेते हैं

पत्र संपादक के नाम

पाठको की चिट्ठियां