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Search Result : "आलोक कुमार"

हवाला-छापों से हैरान ए.के.। आलोक मेहता

हवाला-छापों से हैरान ए.के.। आलोक मेहता

ए.के.- 67 के कारतूस लगातार खोखले और ‘आप हंता’ साबित हो रहे हैं। 70 में से 67 का भारी बहुमत और टोपी-कमीज-चप्पल से बनी प्रारंभिक लोकप्रिय छवि वाला मुख्यमंत्री भारतीय राजनीति में पहले कभी नहीं उभरा। केवल दो साल की राजनीतिक गोलीबारी के साथ संपूर्ण भारत पर राजनीति की महत्वाकांक्षा पालने वाले ए.के. यानी अरविंद केजरीवाल अब हैरान हैं।
घर बैठे बिहार के माई बाप बनने की कोशिश कर रहे हैं काटजू: नीतीश

घर बैठे बिहार के माई बाप बनने की कोशिश कर रहे हैं काटजू: नीतीश

उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायधीश मार्कंडेय काटजू की बिहार को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि वह प्रदेश के माई बाप बनने की कोशिश कर रहे हैं।
वशिष्ठ नारायण सिंह फिर से बिहार के जदयू अध्यक्ष निर्वाचित

वशिष्ठ नारायण सिंह फिर से बिहार के जदयू अध्यक्ष निर्वाचित

जनता दल यूनाइटेड ने बिहार प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह को फिर निर्वाचित किया है। राज्यसभा सदस्य सिंह के खिलाफ किसी ने नामांकन नहीं किया था और वे दूसरी बार अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं।
शराबबंदी अभियान के जरिए तीसरे मोर्चे को नीतीश कर रहे लामबंद

शराबबंदी अभियान के जरिए तीसरे मोर्चे को नीतीश कर रहे लामबंद

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शराबबंदी का अभियान केवल ‌बिहार में ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी छेड़े हुए हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के बाद हरियाणा में भी शराबबंदी को लेकर नीतीश कुमार ने राग छेड़ दिया है। इस अभियान के जरिए नीतीश कुमार तीसरे मोर्च के घटक दलों को लामबंद करने की तैयारी भी कर रहे हैं।
समय गांवों के वादे निभाने का। आलोक मेहता

समय गांवों के वादे निभाने का। आलोक मेहता

भारतीय जनता पार्टी अपने नेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की शताब्दी के अवसर पर राष्ट्रीय परिषद में भविष्य की दशा-दिशा तय कर रही है। दीनदयालजी कांग्रेस और पंडित नेहरू की विचारधारा से कई अहसमतियां रखते थे और कम्युनिस्टों के तो बिल्कुल विरोधी थे। लेकिन भारतीय जनसंघ (जो एक बार जनता पार्टी में विलय के बाद पुनः भारतीय जनता पार्टी बन गई) के लिए भी दीनदयाल उपाध्याय सामाजिक-आर्थिक समानता, ग्रामीण अंत्योदय, राजनीतिक ईमानदारी, त्याग, सत्ता में दंभ के बजाय जनता की सेवा और समर्पण के विचारों को बढ़ाना चाहते थे।
तिब्बत मुक्ति के लिए तवांग तीर्थ यात्रा

तिब्बत मुक्ति के लिए तवांग तीर्थ यात्रा

हर साल की तरह इस साल भी तवांग तीर्थ यात्रा 19 नवंबर से 24 नवंबर के बीच जाएगी। गोवाहाटी से शुरू होने वाली इस यात्रा में तिब्बत की आजादी का सपना लिए राष्ट्रभक्त जाएंगे। इस यात्रा का उद्देश्य चीन के कब्जे से तिब्बत को छुड़ाना है।
दीनदयाल जन्मशताब्दी कमेटी में मोदी ने रखा नीतीश का नाम

दीनदयाल जन्मशताब्दी कमेटी में मोदी ने रखा नीतीश का नाम

कहा जाता है कि मोदी हमेशा मास्टर स्ट्रोक मारते हैं। इस स्ट्रोक का भी राजनैतिक हलकों में खूब चर्चा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ नेता दीनदयाल उपाध्याय की जन्म शताब्दी मनाने के लिए दो समिति बनाई हैं। इस समिति की खास बात यह है कि इसमें उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी रखा है।
रालोद अध्यक्ष अजित सिंह की गुजारिश, एक मंच पर आएं समाजवादी

रालोद अध्यक्ष अजित सिंह की गुजारिश, एक मंच पर आएं समाजवादी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अपने बलबूते लड़ने का एलान कर चुके राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) अध्यक्ष अजित सिंह ने आज अपना रुख बदलते हुए डॉ. राम मनोहर लोहिया और चौधरी चरण सिंह की नीतियों में विश्वास रखने वाले दलों को आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आने का आग्रह किया।
मराठा गौरव को आरक्षण। आलोक मेहता

मराठा गौरव को आरक्षण। आलोक मेहता

मराठा पृष्ठभूमि गौरवशाली रही है। मराठा राजा-महाराजाओं का सत्ताकाल, स्वतंत्रता आंदोलन और आजाद भारत में आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण उपलब्धियों का बड़ा श्रेय मराठा समुदाय को मिलता है। मुंबई, पुणे, औरंगाबाद, नागपुर जैसे क्षेत्रों में उद्योग-व्यापार, शिक्षा, पर्यटन, सहकारी समितियों की संस्था एं, कृषि, विज्ञान इत्यादि में नए रिकॉर्ड बने हैं। फिर भी पिछले दिनों राजनीतिक इरादों से मराठा आरक्षण देने की मांग को लेकर हजारों लोगों का प्रदर्शन हुआ है।
अब अमेरिकी ऊंट पहाड़ के नीचे। आलोक मेहता

अब अमेरिकी ऊंट पहाड़ के नीचे। आलोक मेहता

भारत पिछले कई वर्षों से अमेरिका सहित दुनिया के देशों को पाकिस्तान में पल रहे आतंकवादी दानवों के खतरे की ओर ध्यान आकर्षित करता रहा है। फिर भी अमेरिका बड़े पैमाने पर पाकिस्तान को आर्थिक मदद एवं अत्याधुनिक हथियार देता रहा। ओसामा बिन लादेन के तालिबानी हमले के बाद उसने अफगानिस्तान के कुछ क्षेत्रों पर बमबारी की और सैनिक तैनात किए लेकिन पाकिस्तान में छिपे लादेन के अपवाद को छोड़कर किसी आतंकवादी ठिकाने को निशाना नहीं बनाया।
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