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इस्राइल के साथ साझेदारी मजबूत करने को आशान्वित है भारत: राष्ट्रपति

इस्राइल के साथ साझेदारी मजबूत करने को आशान्वित है भारत: राष्ट्रपति

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि भारत आपसी लाभ के लिए इस्राइल के साथ साझेदारी बढ़ाने को उत्सुक है और दोनों देशों को वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को गृह और साइबर सुरक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों के विकास की जरूरत है जिनमें इस्राइल ने अपनी क्षमताएं साबित की हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग होंगे हरे-भरे

राष्ट्रीय राजमार्ग होंगे हरे-भरे

नेशनल ग्रीन हाईवेज मिशन के तहत देश के एक लाख किलोमीटर राजमार्ग हरे-भरे किेए जाएंगे। इसमें न केवल पेड़ लगाना बल्कि उनकी निगरानी और देश में बढ़ रहे वायु प्रदूषण पर काबू पाने की योजना भी शामिल है। इसपर विस्तृत चर्चा के लिए आज दिल्ली के मध्यांचल भवन में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें संबंधित विभाग और मुद्दे से जुड़े जानकारों ने भाग लिया। इस मिशन में आउटलुक, टेरी, विश्व बैंक नॉलेज पार्टनर हैं।
सत्यार्थी शुरू करेंगे ‘करुणा का वैश्वीकरण’

सत्यार्थी शुरू करेंगे ‘करुणा का वैश्वीकरण’

पूरी दुनिया के हाशिए पर के बच्चों के लिए समाज के ऐसे तबके ने आवाज उठाने का फैसला किया है जिनकी अपनी खास पहचान है। अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्टतम कार्य के लिए दुनिया के सर्वोच्च सम्मान नोबेल पुरस्कार से नवाजे गए ये लोग एक मंच पर आकर समाज के इस वंचित तबके के हक की न सिर्फ आवाज उठाएंगे बल्कि इनके लिए कुछ ठोस करने का भी प्रयास करेंगे।
पराली जलाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई

पराली जलाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई

इस समय धानकटाई का समय चल रहा है। हालांकि किसान पराली जला तो नहीं सकते हैं लेकिन पंजाब और हरियाणा में जला रहे हैं। पराली जलाने से प्रदूषण होता है, जिससे निकली जहरीली गैस पर्यावरण के साथ-साथ लोगों को भी नुकसान पहुंचाती है। सबसे अहम बात यह है कि इससे हवा में धुंए के बादल बन जाते हैं जो अस्थमा के मरीजों के लिए जानलेवा साबित होते हैं। दिल्ली की हवा में इन दिनों पसरा धुंआ दिवाली के पटाखों और पराली जलाने के परिणाम है।
वन, वनवासी और जीव एक दूसरे के पूरक हैं, प्रतिद्वंदी  नहीं : अनिल माधव दवे

वन, वनवासी और जीव एक दूसरे के पूरक हैं, प्रतिद्वंदी नहीं : अनिल माधव दवे

पर्यावरण वन तथा जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनिल माधव दवे ने कहा है कि जंगल का जीवंत अस्तित्व है और जंगल अपनी अभिव्यक्ति करता है बशर्ते हममें सुनने की क्षमता हो। तीन महत्वपूर्ण घटक- वन, जनजातीय वनवासी और वन्य जीव एक-दूसरे के पूरक हैं और प्रतिद्वन्द्वीं नहीं है। उन्होंने कहा कि वनों में बड़ी संख्या में पेडों को वनवासियों द्वारा नहीं गिराया जा रहा।
प्रदूषण फैलाने वाले उत्पादों पर जीएसटी दर ज्यादा होगी: जेटली

प्रदूषण फैलाने वाले उत्पादों पर जीएसटी दर ज्यादा होगी: जेटली

भारत द्वारा पेरिस जलवायु संधि पर दस्तखत के चंद दिनों बाद शुक्रवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था में पर्यावरण की लिहाज से प्रतिकूल उत्पादों पर अन्य उत्पादों के मुकाबले अलग तरह का कर लगाया जाएगा। ऐसा कर जलवायु परिवर्तन से बचाव आदि से जुड़े कामों के लिए अधिक कोष जुटाया जाएगा।
'अकाल में उत्सव' पर चर्चा 16 को भोपाल में

'अकाल में उत्सव' पर चर्चा 16 को भोपाल में

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 16 अक्टूबर को युवा कथाकार पंकज सुबीर के बहुचर्चित उपन्यास अकाल में उत्सव पर केंद्रित एक पुस्तक चर्चा का आयोजन किया गया है।
पटाखों के प्रदूषण की जिम्मेदारी

पटाखों के प्रदूषण की जिम्मेदारी

भारत ने पर्यावरण संरक्षण की अंतरराष्ट्रीय संधि के लिए अपनी स्वीकृति दे दी। निश्चित रूप से भारत में हजारों वर्षों से प्रकृति की देन वन, जल, वायु के प्रति गहरा सम्मान रहा है और उनसे जुड़े देवताओं के नाम लेकर पेड़-पौधे, नदी, पवन की धार्मिक दृष्टि से पूजा-अर्चना होती रही है। लेकिन सरकार और समाज घातक वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार आतिशबाजी के बढ़ते उपयोग को निरंतर अनदेखा कर रहे हैं।
दीनदयाल दर्शन की एक चाभी संघ, एक भाजपा के पास

दीनदयाल दर्शन की एक चाभी संघ, एक भाजपा के पास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस के सरकार्यवाह भय्याजी जोशी ने आज दिल्ली के विज्ञान भवन में दीनदयाल उपाध्याय वाड्मय (15 खंड) का विमोचन किया। आम विमोचन से अलग इस समरोह में पुस्तकें सुनहरे वर्क में लिपटी हुई अतिथियों के हाथों में नहीं थीं। समारोह में दीनदयाल उपाध्याया वाड्मय के 15खंड एक बक्से में रख थे जिसके दो कपाटों पर ताला लगा था। एक कपाट पर लगा ताला मोदी ने खोला जबकि दूसरी ओर का भय्याजी जोशी ने। आज के कार्यक्रम का यही सबसे बड़ा संदेश था, जिसके निहितार्थ बहुत कुछ समझे जा सकते हैं।
हालात बदतर, पानी की कमी वाले देशों में शामिल हो सकता है भारत

हालात बदतर, पानी की कमी वाले देशों में शामिल हो सकता है भारत

भारत आने वाले दिनों में पानी की गंभीर समस्या का सामना करने के कगार पर है। देश में इस समय पानी की उपलब्धता का जो हाल है उस पर केंद्रीय जल ससाधन मंत्री उमा भारती का कहना है कि भारत दुनिया के पानी की कमी वाले देशों में शुमार होने के बिल्कुल करीब है।
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