बिहार विधानसभा 16 अगस्त को जीएसटी बिल पास करेगी। इसके लिए विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। हाल के दिनों में किसी बिल को पास कराने के लिए बिहार विधानसभा द्वारा बुलाया जाने वाला यह पहला एकदिवसीय विशेष सत्र होगा। पिछले सप्ताह राज्यसभा में जीएसटी बिल के पास होने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को आश्वस्त किया था कि उनकी सरकार जल्द से जल्द इस बिल को राज्य में पारित करेगी।
संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अनुपस्थिति से नाराज कांग्रेस ने पीएम मुक्त संसद को एक प्रमुख मुद्दा बनाए जाने पर रविवार को जोर दिया और संकेत दिया कि वह शीतकालीन सत्र में इसे आक्रामक तरीके से उठाएगी।
संसद का मानसून सत्र शुक्रवार को अनिश्चितकाल काल के लिए स्थगित कर दिया गया। जीएसटी सहित कई महत्वपूर्ण विधेयक इस सत्र में पारित हुए। इसको लेकर सरकार बहुत ही गदगद है। संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने इस सत्र को बहुत ही सुचारू रूप से चलने वाला सत्र करार दिया और कहा कि सबसे बड़ी उपलब्धि जीएसटी को पारित कराना था।
लोकसभा में गुरूवार को कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह ने गोरक्षा के नाम पर पंजाब में कुछ लोगों पर ट्रांसपोर्टरों को परेशान करने का आरोप लगाते हुए सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
लोकसभा में मंगलवार को एक दिलचस्प वाक्या तब सामने आया जब सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने जैव विविधता उद्यानोंं से संबंधित प्रश्न के तहत उत्तरप्रदेश के इटावा में लायन सफारी में दो शेरों की मौत का विषय उठाया और बेहद दुखी स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी द्वारा भेंट किये गए दो शेर मर गए।
दलितों पर हमले के मुद्दे की गर्माहट सोमवार को लोकसभा में महसूस की गई। कांग्रेस सदस्यों ने प्रधानमंत्री से सदन में बयान देने की मांग करते हुए न केवल अध्यक्ष के आसन के समीप आकर नारेबाजी की बल्कि बाद में वे सदन से वाकआउट भी कर गए। कांग्रेस सदस्यों ने प्रधानमंत्री से मांग की कि भाषण देने की बजाय कार्रवाई करें।
ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को अलग पहचान प्रदान करने और उनका शोषण करने वालों को दंडित करने की व्यवस्था कायम करने के मकसद से मंगलवार को लोकसभा में एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश किया गया।
उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने संसद सत्र की अवधि कम होने पर चिंता जताई और कार्यवाही अक्सर बाधित किए जाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह किसी समूह या व्यक्ति विशेष के हित के लिए सदन को बंधक रखने के समान है।