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Search Result : "वायु गुणवत्ता"

साल 2015 में भारत में वायु प्रदूषण चीन से अधिक रहा

साल 2015 में भारत में वायु प्रदूषण चीन से अधिक रहा

ग्रीनपीस के नासा उपग्रह डेटा विश्लेषण में यह तथ्य सामने आया है कि इस शताब्दी में पहली बार भारतीय को चीन के नागरिकों की तुलना में अधिक वायु प्रदूषण का दंश झेलना पड़ा। चीन द्वारा वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिये साल-दर-साल अपनाये गए उपायों की वजह से वहां की आवोहवा में सुधार हुआ है जबकि भारत का प्रदूषण स्तर पिछले दशक में धीरे-धीरे बढ़कर अधिकतम स्तर पर पहुंच गया है।
भारत ने किया क्रूज मिसाइलों को भेदने वाले 'आकाश' का परीक्षण

भारत ने किया क्रूज मिसाइलों को भेदने वाले 'आकाश' का परीक्षण

अपनी सैन्य क्षमता में इजाफा करते हुए भारत ने आज लड़ाकू विमानों और क्रूज मिसाइलों को हवा में भेदकर गिराने की क्षमता वाले 'आकाश' मिसाइल का परिक्षण किया। यह मिसाइल पूरी तरह से स्वदेश में विकसित है।
आतंकवाद एक कैंसर, तीखी छुरी से करना होगा इलाज: राष्ट्रपति

आतंकवाद एक कैंसर, तीखी छुरी से करना होगा इलाज: राष्ट्रपति

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 67वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संदेश में आगाह किया कि निर्णय और कार्यान्वयन में विलंब से विकास की प्रक्रिया का ही नुकसान होगा। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने हाल ही में पठानकोट वायु सेना स्टेशन पर हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि असहमति दूर करने का एक सभ्य तरीका संवाद है जो सही तरह से कायम रहना चाहिए लेकिन हम गोलियों की बौछार के बीच शांति पर चर्चा नहीं कर सकते।
एनएसजी को पठानकोट भेजना गंभीर चूक थी: दिग्विजय

एनएसजी को पठानकोट भेजना गंभीर चूक थी: दिग्विजय

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने पठानकोट वायु सेना स्टेशन में हुए आतंकी हमले का जवाब देने में एनएसजी कमांडो के उपयोग को एक गंभीर चूक बताया है। सिंह ने इस फैसले को लेने में अहम भूमिका निभाने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पर भी सवाल उठाया है। साथ ही कांग्रेस नेता ने पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली को भी कटघरे में खड़ा किया है।
पठानकोट हमले पर राजनीति तेज, कांग्रेस ने उठाए सवाल

पठानकोट हमले पर राजनीति तेज, कांग्रेस ने उठाए सवाल

पठानकोट आतंकवादी हमले को लेकर देश की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस ने पाकिस्तान मामलों से निपटने में मोदी सरकार की नाकामी पर सवाल उठाए जबकि भाजपा ने पलटवार करते हुए उस पर आरोप लगाया कि वह घटना को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है। वहीं, राजग में शामिल शिवसेना ने मुंहतोड़ जवाब देने की मांग की है।
वायु प्रदूषण के संघर्ष में दिल्ली अकेला शहर नहीं- ग्रीनपीस

वायु प्रदूषण के संघर्ष में दिल्ली अकेला शहर नहीं- ग्रीनपीस

ग्रीनपीस इंडिया ने देश के 17 शहरों के राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचनांक (एनएक्यूआई) से पाए आँकड़ों का विश्लेषण प्रकाशित किया है जिससे स्पष्ट होता है कि दिल्ली के अलावा केन्द्र और कई अन्य राज्य सरकारों को भी अपने शहरों में वायु प्रदूषण के रोकथाम पर तुरंत क़दम उठाने होंगे। जिन 17 शहरों में प्रदूषण के आँकड़े उपलब्ध हैं, उनमें से 15 शहरों में प्रदूषण का स्तर हकीकत से कहीं ज्यादा खतरनाक है। सच तो यह है कि अप्रैल से नवबंर के बीच वायु प्रदूषण के जो आंकड़े एकत्रित किए गए थे वे मानक स्तर से 50 फीसदी अधिक है जिससे वायु प्रदूषण आपदा का संकेत मिलता है।
प्रदूषण रेड अलर्ट के करीब दिल्ली

प्रदूषण रेड अलर्ट के करीब दिल्ली

वायु प्रदूषण को लेकर चीन की राजधानी बीजिंग में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहां स्कूल-कॉलेज, निर्माण कार्य, कारें और बाहरी वाहन बंद है। दिल्ली का वायु प्रदूषण बीजिंग के वायु प्रदूषण के आसपास ही है। दिल्ली सरकार ने भी इस धुंध और धूल (स्मॉग) भरे प्रदूषण से निपटने के लिए कुछ योजनाएं लागू करने का फैसला किया है। जिनमें सबसे अधिक बवाल उस फैसले पर हो रहा है, जिसके तहत सड़कों पर एक दिन सम (ईवन) और दूसरे दिन विषम (ऑड) संख्या वाली कारें चलेंगी।
वायु प्रदूषणः स्वराज अभियान का केजरीवाल को समर्थन

वायु प्रदूषणः स्वराज अभियान का केजरीवाल को समर्थन

स्वराज अभियान के राज्य सचिव राजीव गोदारा का कहना है कि हम सैद्धांतिक रूप से दिल्ली की सड़कों पर निजी वाहनों को कम करने के लिए उठाए गए कदम का स्वागत करते हैं लेकिन दिल्ली में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाना इतना भी आसान नहीं है। स्वराज अभियान के अनुसार इस संबंध में नीतियों में बदलाव के समय ध्यान से सोचा जाना चाहिए। इस योजना की सफलता मजबूत सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर करती है। इसके जरिये सरकार के प्रशासनिक कौशल और राजनीतिक इच्छाशक्ति की असली परीक्षा होगा।
मानक ब्यूरो विधेयक पास, अब सुधरेगी सामान की गुणवत्ता

मानक ब्यूरो विधेयक पास, अब सुधरेगी सामान की गुणवत्ता

लोकसभा ने आज भारतीय मानक ब्यूरो विधेयक, 2015 को ध्वनिमत से पारित कर दिया जिसमें वस्तु, प्रसंस्करण, पद्धति और सेवाओं के मानकीकरण, एकरूपता निर्धारण और गुणवत्ता सुनिश्चित करने एवं विकास जैसे कार्य के लिए एक राष्ट्रीय मानक निकाय स्थापित करने की बात कही गई है।
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