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महात्मा गांधी के पोते कनुभाई का निधन, सूरत में हुआ अंतिम संस्कार

महात्मा गांधी के पोते कनुभाई का निधन, सूरत में हुआ अंतिम संस्कार

महात्मा गांधी के पोते कनुभाई का सोमवार को एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। आज सूरत में उनका अंतिम संस्कार किया गया। कांग्रेस और भाजपा के कई नेताओं के साथ सैकड़ों लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
एमपी में दबंग ने शवयात्रा का रोका रास्‍ता,तालाब से होते हुए श्‍मशान घाट पहुंची

एमपी में दबंग ने शवयात्रा का रोका रास्‍ता,तालाब से होते हुए श्‍मशान घाट पहुंची

मध्‍यप्रदेश में जबलपुर के पनागर के बिहर गांव में मानवता को शर्मसार करनेे वाला मामला सामने आया है। जिसके बाद भाजपा शासित इस राज्‍य की सामाजिक समरसता पर सवालिया निशान उठने लगे हैं। गांव में एक दबंग ने अपनी जमीन से शवयात्रा ले जाने की अनुमति नहीं दी। मजबूरन लोगों को तालाब के बीच चार फीट पानी से शव को श्‍मशान घाट तक ले जाना पड़ा। मुसबीत यहीं कम नहीं हुई बल्कि लोग जब श्मशानघाट पहुंचे तो वहां पर सरकार की जमीन पर धान बोया गया था। नतीजन शव का अंतिम संस्‍कार निजी जमीन पर किया गया।
पाक में साबरी के जनाजे में उमड़ा जन सैलाब, जनता का कलाकार हुआ रुखसत

पाक में साबरी के जनाजे में उमड़ा जन सैलाब, जनता का कलाकार हुआ रुखसत

पाकिस्‍तान में मशहूर कवाल और सूफी गायकार अमजद फरीद साबरी को अंतिम विदाई देने जन सैलाब उमड़ पड़ा। पाक में जहां एक तरफ साबरी को गोली मारने को कई लोग उचित बता रहे हैं तो दूसरी तरफ उनके जनाजे में उमड़ी भीड़ पाक की कुछ अलग तस्‍वीर पेश कर रही है। विरोध का मसला कुछ भी हो लेकिन उनके जनाजे में आए लोगों का समूह यह तो साफ बता रहा है कि साबरी जनता के कलाकार थे।
एक्सक्लूसिव-  सभी सीवर-सेप्टिक मौतों पर मुआवजा न देने की केंद्र की कोशिश नाकाम

एक्सक्लूसिव- सभी सीवर-सेप्टिक मौतों पर मुआवजा न देने की केंद्र की कोशिश नाकाम

केंद्र सरकार और तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2014 के फैसले के तहत सीवर-सेप्टिक टैंक में मौतों पर दस लाख का मुआवजा देने से बचने के लिए अदालत में की थी अपील
विकसित गुजरात के गटर में दम तोड़ता जीवन

विकसित गुजरात के गटर में दम तोड़ता जीवन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के ढोल की पोल गुजरात में खुल रही। अहमदाबाद में सीवर में मौत के बाद एफआईआर तक आसानी से नहीं होती है दर्ज, गौर कानून प्रथा चल रहे है खुलेआम, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप 10 लाख रुपये का मुआवजा भी परिजनों को नहीं नसीब
सफाई में शहीद, इनका हत्यारा कौन?

सफाई में शहीद, इनका हत्यारा कौन?

भाजपा सफाई कर्मचारियों के लिए फिर दांव चलने की तैयारी में। जबकि सैंकड़ों सफाई कर्मचारी सीवर-सेप्टिक टैंक में मर रहे हैं और केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर पूरी तरह खामोश हैं।
काबुल में दो आत्मघाती हमले, 35 की मौत

काबुल में दो आत्मघाती हमले, 35 की मौत

काबुल में गुरुवार और शुक्रवार की रातों में दो अलग-अलग आत्मघाती हमलों में कम से कम 35 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों घायल हो गए। तालिबान नेता मुल्ला उमर की मौत की घोषणा के बाद अफगानिस्तान की राजधानी में यह सबसे बड़ा हमला है।
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