Advertisement

Search Result : "जमानत याचिका"

सु्ब्रत राय को अंतरिम राहत मिली, तुरंत जेल जाने से बच गए

सु्ब्रत राय को अंतरिम राहत मिली, तुरंत जेल जाने से बच गए

सहारा समूह प्रमुख सुब्रत रॉय को सुप्रीम कोर्ट से शुक्रवार को ही नाटकीय घटनाक्रम के बाद अंतरिम राहत मिल गई हैै। अब उन्हें तुरंत जेल जाने की जरुरत नहीं। सरेंडर करने के लिए कोर्ट ने राय को 30 सितंबर तक की मोहलत दे दी है। इससे पहले शुक्रवार को ही कोर्ट ने उन्हें तुरंत जेल भेजे जाने का आदेश दे दिया था।
यौन उत्पीड़न मामले में आप विधायक को मिली जमानत

यौन उत्पीड़न मामले में आप विधायक को मिली जमानत

यौन उत्पीड़न के एक मामले में गिरफ्तार आप विधायक अमानतुल्ला खान को दिल्ली की एक अदालत ने आज जमानत दे दी। खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला उनकी संबंधी है। जांचकर्ता ने कहा था कि खान को पूछताछ के लिए हिरासत में लेने की जरूरत नहीं है, जिसके बाद उन्हें जमानत दे दी गई।
सुप्रीम कोर्ट ने शहाबुद्दीन से पूछा, क्‍यों न जमानत रद्द की जाए

सुप्रीम कोर्ट ने शहाबुद्दीन से पूछा, क्‍यों न जमानत रद्द की जाए

जमानत पर रिहा हुए पूर्व राजद सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत मिली है। सोमवार को सर्वोच्‍च अदालत ने शहाबुद्दीन को हाई कोर्ट से मिली जमानत पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि वह याचिका पर राजद नेता का पक्ष भी जानना चाहती है। मामले की सुनवाई सोमवार 26 सितंबर को फिर होगी।
21 विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिका में नये आरोपों पर ध्यान देने से इनकार

21 विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिका में नये आरोपों पर ध्यान देने से इनकार

चुनाव आयोग ने कथित लाभ के पद पर होने के लिए 21 आप विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग करने वाली याचिका में नये आरोपों पर ध्यान देने से मना कर दिया लेकिन साथ ही मामले में दायर तथाकथित दूसरी याचिका का संज्ञान ना करने की विधायकों की अर्जी भी खारिज कर दी।
दोषी नेताओं पर लगे आजीवन प्रतिबंध, सुप्रीम कोर्ट ने मांगा मोदी सरकार से जवाब

दोषी नेताओं पर लगे आजीवन प्रतिबंध, सुप्रीम कोर्ट ने मांगा मोदी सरकार से जवाब

सुप्रीम कोर्ट में दोषी नेताओं पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग करने वाली जनहित याचिका दायर की गई है। इस पर कोर्ट ने केंद्र की मोदी सरकार और चुनाव आयोग से उनका विचार जानना चाहा है। याचिका में एक साल के अंदर प्रकरणों की सुनवायी करके दोषी पाए जाने वाले नेताओं पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गयी है।
सारधा घोटाले के आरोपी मदन मित्रा को जमानत

सारधा घोटाले के आरोपी मदन मित्रा को जमानत

सारदा घोटाले के आरोपी तृणमूल कांग्रेस के नेता मदन मित्रा को अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया है। 21 महीने से भी अधिक समय बाद शनिवार की सुबह सलाखों से बाहर आए तृणमूल कांग्रेस नेता मदन मित्रा ने कहा कि वह फिलहाल आराम करना चाहते हैं, लेकिन वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देशों का पालन करेंगे।
टिकट के लिए 43 लाख रुपये मांगने का आरोप, मायावती के खिलाफ याचिका

टिकट के लिए 43 लाख रुपये मांगने का आरोप, मायावती के खिलाफ याचिका

राजनीतिक गलियारों में बसपा की टिकट बेचे जाने के आरोप लगना आम है, लेकिन अब इसे लेकर न्यायालय में याचिका दायर की गई है। झांसी की जेल में बंद सरदार सिंह गुर्जर ने वकील के जरिये बसपा प्रमुख मायावती के खिलाफ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की कोर्ट में याचिका दायर की है।
पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद को मानहानि मामले में जमानत मिली

पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद को मानहानि मामले में जमानत मिली

दिल्ली की एक अदालत ने भाजपा से निलंबित सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद तथा दो अन्य को मानहानि के एक मामले में शुक्रवार को जमानत दे दी। यह मामला अंडर-19 क्रिकेटर के पिता ने उनके बेटे के विजय हजारे ट्रॉफी के लिए टीम में चयन होने को लेकर गलत इरादों से झूठी बयानबाजी करने के आरोप में दर्ज कराया था। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट हरविंदर सिंह ने आजाद, पूर्व क्रिकेटर सुरिंदर खन्ना और क्रिकेट से जुड़े समीर बहादुर में से प्रत्येक को 10,000 रुपये की निजी जमानत राशि और इसी धनराशि मुचलके पर राहत प्रदान की।
सुप्रीम कोर्ट ने दिया केजरीवाल को झटका, दिल्‍ली के बॉस जंग बने रहेंगे

सुप्रीम कोर्ट ने दिया केजरीवाल को झटका, दिल्‍ली के बॉस जंग बने रहेंगे

दिल्‍ली के बॉस उपराज्‍यपाल नजीब जंग बने रहेंगे। इस तरह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप राज्‍यपाल नजीब जंग में चल रही अधिकाराें की जंग में दिल्ली सरकार काे निराशा ही हाथ लगी है।
'सरकार की आलोचना पर देशद्रोह या मानहानि का आरोप नहीं लगाया जा सकता'

'सरकार की आलोचना पर देशद्रोह या मानहानि का आरोप नहीं लगाया जा सकता'

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि सरकार की आलोचना करने पर किसी पर देशद्रोह या मानहानि के मामले नहीं लगाए जा सकते। जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस यूयू ललित की पीठ ने कहा, 'यदि कोई सरकार की आलोचना करने के लिए बयान दे रहा है तो वह देशद्रोह या मानहानि के कानून के तहत अपराध नहीं लाया जा सकता। हमने स्पष्ट किया है कि आईपीसी की धारा 124 (ए) को लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पहले के एक फैसले के अनुसार कुछ दिशानिर्देशों का पालन करना होगा।'
Advertisement
Advertisement
Advertisement