वैज्ञानिकों ने ऐसे प्रोटीन की पहचान की है जो दिल का दौरा पड़ने के बाद उसकी मांसपेशी की कोशिकाओं को फिर से बनाने में मदद करता है। अनुसंधाकर्ताओं ने यह भी बताया है कि हृदय के अंदर थोड़ी अधिक मात्रा में यह प्रोटीन रखा जाए तो चूहों और सुअरों में इससे न केवल हृदयघात के बाद दिल के कामकाज में सुधार होता है बल्कि उनके बचने की संभावना भी बढ़ जाती है।
जनता परिवार को एकजुट करने की मुहिम बिहार विधानसभा चुनाव से पहले ही खत्म हो गई। समाजवादी पार्टी ने राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल यूनाइटेड से नाता तोड़ते हुए बिहार विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ने की तैयारी कर ली है। पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव ने इसकी घोषणा भी कर दी।
कुपोषण एक ऐसी बीमारी जो कि बच्चों के विकास में बाधक ही नहीं बल्कि समाज के लिए चिंता का विषय है। कुपोषण से मुक्ति की सरकार लाख कोशिशें कर ले लेकिन इससे मुक्ति एक सपना बन गया है। राष्ट्रीय प्रतिष्ठान और सेव द चिल्ड्रेन के लिए किए जा रहे शोध के दौरान पाया गया कि सरकारी आंकड़े कुपोषण को लेकर कुछ और स्थिति बताते हैं जबकि जमीनी हकीकत कुछ और होती है।
पाकिस्तानी रेंजर्स ने जम्मू जिले के आरएस पुरा और अरनिया सेक्टरों में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास नागरिक इलाकों और सेना की चौकियों पर भारी गोलाबारी की है। इसमें दो लोगों की मौत हो गई और 16 अन्य लोग घायल हो गए। इसके बाद बीएसएफ ने भी जवाबी कार्रवाई की। पाकिस्तान की तरफ भी 7 लोगों के मारे जाने की खबर भी मिल रही है।
कारोबार सत्र के दौरान सेंसेक्स में वर्ष 2008 से अब तक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है जबकि एक दिन में सेंसेक्स के इतिहास की यह अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है। निफ्टी भी 500 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ 7800 के नीचे आ गया। उधर, रुपये में भी गिरावट का दौर जारी है और डॉलर के मुकाबले रुपया 66.64 तक टूट चुका है।
जकार्ता में विश्व चैंपियनशिप का फाइनल हारने के बावजूद भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल महिला एकल खिलाड़ियों में एक बार फिर नंबर वन खिलाड़ी बन गई हैं। बैंडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) ने गुरुवार को जारी अपनी ताजा रैंकिंग में स्पेन की कैरोलिना मरीन का नंबर वन का ताज साइना को सौंपा।
श्रीलंका के वर्तमान प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे का फिर से प्रधानमंत्री बनना करीब-करीब तय हो गया है। हालांकि उनकी युनाइटेड नेशनल पार्टी 225 सदस्यीय संसद में सामान्य बहुमत से कुछ दूर रहती दिख रही है मगर माना जा रहा है कि देश के तमिल बहुल इलाकों के सबका सूपड़ा साफ कर देने वाली तमिल नेशनल अलायंस विक्रमसिंघे का समर्थन कर सकती है। तमिल पार्टियों को झुकाव पहले से ही यूएनपी की ओर है। इन चुनावों में पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को करारा झटका लगा है जो संसदीय चुनाव में जीतकर देश का प्रधानमंत्री बनने के ख्वाब बुन रहे थे।