मौजूदा दौर में कोविड महामारी और लॉकडाउन से बदहाली के अलावा मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले साल में खट्टे-मीठे अनुभव
भूख, भय, लाचारी से प्रवासी मजदूरों की दर्दनाक स्थिति, कुछ की मौत जैसे दृश्य की मिसाल ढूंढ़ना मुश्किल
ग्रामीण भारत में है ‘इंडिया’ की सेहत सुधारने का फॉर्मूला, फौरी राहत और कृषि को मजबूत करना होगा सार्थक विकल्प
महामारी के दौर में देश के हर आदमी को भोजन जिन करोड़ों किसानों की बदौलत संभव हो रहा है, उनकी सुध लेने में सरकारी पहल बेहद नाकाफी
पुस्तक समीक्षा
नफरत की खाई हुई चौड़ी, जानमाल की तबाही में पुलिस रही मूकदर्शक, हजारों बेघर, लाखों ने गंवाए रोजगार
दर्शकों के लिए सहज उपलब्ध वेब सीरीज ने बदल दी मनोरंजन की दुनिया, सिनेमा और टीवी उद्योग के सामने पेश की बड़ी चुनौती
भाषण तो पौने तीन घंटे का रिकॉर्ड-तोड़ मगर अर्थव्यवस्था की सुस्त पड़ती रफ्तार के लिए बजट ईंधन का काम करेगा, इसकी उम्मीद कम