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26 दिसंबर 2022 | Dec-26-2022

आवरण कथा/दस साल निर्भया : निर्भय निर्लज्जता की हदें

निर्भया कांड के दस साल बाद और उसके गुनहगारों को फांसी के करीब तीन साल बाद रोज बढ़ती यौन हिंसा और उसकी बर्बर प्रकृति यह दिखाती है कि बलात्कार विरोधी आंदोलन से उपजे सारे महिला सुरक्षा कानून पूरी तरह हुए फेल

अभिषेक श्रीवास्तव

12 दिसंबर 2022 | Dec-12-2022

जनादेश 2022/ गुजरात आवरण कथा : नतीजे नहीं, पड़ाव को देखिए

विधानसभा चुनाव के आखिरी दौर में जिस तरीके से भाजपा और कांग्रेस ने अपने सारे घोड़े खोल दिए हैं, वह तीसरी ताकत के बावजूद चुनावी लड़ाई के दो दलों के बीच सिमटते जाने की आहट दे रहा है

अभिषेक श्रीवास्तव

28 नवंबर 2022 | Nov-28-2022

आवरण कथा/भारत जोड़ो यात्रा: राजनीति का उत्तरायण

यात्रा चलती जा रही है और यात्री जुड़ते जा रहे हैं, इस सफर में राहुल गांधी कितने बदलते हैं, उनके सोच-समझ में कितना परिष्कार होता है और लोगों में वे कैसी छवि बना पाते हैं, इसकी परीक्षा जल्दी ही होगी, यकीनन 2024 के आम चुनावों में

हरिमोहन मिश्र

14 नवंबर 2022 | Nov-14-2022

आवरण कथा/सेलेब्रेटी टीचर: मॉडर्न गुरु नाम-दाम से मालामाल

ऑनलाइन पढ़ाई के माहिर स्टार टीचरों की नई जमात ने न सिर्फ ई-शिक्षा का आकर्षण बढ़ाया, बल्कि उन्हें खूब नाम-दाम कमाने को मौका दिया

राजीव नयन चतुर्वेदी

31 अक्टूबर 2022 | Oct-31-2022

80 पार के युवा//आवरण कथाः गहराते अंधेरे के सांध्य तारे

कुछ लोग अपने हुनर, जिजीविषा और प्रतिबद्धता से जीते जी मिसाल बन चुके हैं, उनकी जिंदगी की तहों में झांकना एक वृद्ध होते समाज के लिए प्रेरणादायक हो सकता है

अभिषेक श्रीवास्तव

17 अक्टूबर 2022 | Oct-17-2022

आवरण कथा/मीमः वायरल का नया फंडा

मीम की लोकप्रियता, उसके जरिये मार्केटिंग में कंपनियों, सितारों और राजनैतिक दलों की बढ़ती दिलचस्पी गवाह है कि आगे का दौर उसी का

राजीव नयन चतुर्वेदी

3 अक्टूबर 2022 | Oct-03-2022

2024 की चुनौतियां/आवरण कथा: अगली लड़ाई के मोर्चे खुले

अगले लोकसभा चुनावों की तैयारी में विपक्ष ने अपनी गोटियां सहेजनी शुरू की हैं तो भाजपा ने भी उन नए क्षेत्रों पर फोकस किया है जो उसके लिए अलंघ्य रहे हैं लेकिन भविष्य में सियासत की तस्वीर मैदानी स्थिति पर निर्भर है, कागजी आंकड़े पर नहीं

हरिमोहन मिश्र

19 सितंबर 2022 | Sep-19-2022

आवरण कथा/ बेहाल बॉलीवुडः सितारे अब जमीं पर

जब बड़े-बड़े सितारों की फिल्में एक-एक कर के औंधे मुंह गिर रही हैं, तब बॉलीवुड को क्या दक्षिण कोरियाई और दक्षिण भारतीय सिनेमा से सीखने की जरूरत

स्वाति बक्शी